पाठ्यक्रम: GS3/ अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सेबी (पोर्टफोलियो प्रबंधक) विनियम, 2020 की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव किया है, जिसका उद्देश्य पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) के नियामक ढाँचे का आधुनिकीकरण करना है।
पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) क्या है?
- पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) का पंजीकरण सेबी (पोर्टफोलियो प्रबंधक) विनियम, 2020 के अंतर्गत किया जाता है।
- यह एक व्यावसायिक निवेश सेवा है, जिसमें एक योग्य निधि प्रबंधक उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्ति (HNI) के इक्विटी, ऋण-पत्रों तथा अन्य प्रतिभूतियों के निवेश पोर्टफोलियो का प्रबंधन करता है।
- भारत में केवल कॉर्पोरेट निकाय, कंपनियाँ अथवा सीमित दायित्व भागीदारी (LLP), जिन्हें सेबी (SEBI) से पंजीकरण प्राप्त हो, ही यह सेवा प्रदान कर सकते हैं।
- सेबी (SEBI) के अनुसार कोई भी पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा प्रदाता किसी ग्राहक से 50 लाख रुपये से कम का निवेश स्वीकार नहीं कर सकता।
प्रस्तावित ढाँचे की आवश्यकता
- यह प्रस्ताव पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) उद्योग के तीव्र विस्तार तथा निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं की पृष्ठभूमि में लाया गया है।
- सेबी (SEBI) के अनुसार विगत छह वर्षों में पोर्टफोलियो प्रबंधकों द्वारा प्रबंधित परिसंपत्तियों में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे नए नियामक ढाँचे की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
- मई, 2026 तक पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) उद्योग की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ (AUM) वर्ष 2019 के 18.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 42.61 लाख करोड़ रुपये हो गईं।
- मई, 2026 तक ग्राहकों की कुल संख्या 1.50 लाख से बढ़कर 2.19 लाख हो गई।
- पोर्टफोलियो प्रबंधकों की संख्या भी वर्ष 2020 के 226 से बढ़कर मई, 2026 तक 515 हो गई।
सेबी (SEBI) के प्रमुख प्रस्ताव
- पृथक पंजीकरण की व्यवस्था: पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) प्रदाताओं को म्यूचुअल फंड आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (MF-PMS) के रूप में पृथक पंजीकरण प्राप्त करना होगा।
- न्यूनतम निवेश सीमा में कमी: न्यूनतम निवेश राशि को 50 लाख रुपये से घटाकर 25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।
- इससे अधिक संख्या में समृद्ध निवेशकों को इस सेवा का लाभ मिल सकेगा।
- निवल संपत्ति एवं योग्यता संबंधी मानदंडों में सरलीकरण: पारंपरिक पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) के लिए निर्धारित 5 करोड़ रुपये की तुलना में म्यूचुअल फंड आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (MF-PMS) हेतु 2 करोड़ रुपये की न्यूनतम निवल संपत्ति का प्रस्ताव किया गया है।
- साथ ही, प्रधान अधिकारियों के लिए योग्यता संबंधी आवश्यकताओं को सरल बनाने तथा व्यवहार कक्ष एवं कर्मचारियों से संबंधित आवश्यकताओं को वैकल्पिक बनाने का प्रस्ताव है।
- प्रबंधन शुल्क का निर्धारण: सेबी (SEBI) ने प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (AUM) के 2.5 प्रतिशत तक ही निश्चित प्रबंधन शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव किया है।
- इसके अतिरिक्त, पोर्टफोलियो प्रबंधक निष्पादन-आधारित शुल्क अथवा निश्चित एवं निष्पादन-आधारित शुल्क के मिश्रित मॉडल को केवल ग्राहक की स्पष्ट सहमति से ही लागू कर सकेंगे।
- हितों के टकराव की रोकथाम: यदि कोई संस्था म्यूचुअल फंड वितरक तथा म्यूचुअल फंड आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (MF-PMS) प्रदाता दोनों है, तो उसे दोनों व्यवसायों के बीच स्वतंत्र एवं पृथक कार्यप्रणाली बनाए रखनी होगी।
- एक ही ग्राहक को उसी संस्था द्वारा म्यूचुअल फंड वितरण सेवा तथा म्यूचुअल फंड आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (MF-PMS) दोनों सेवाएँ प्रदान नहीं की जा सकेंगी।
- निवेश का दायरा: पारंपरिक पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) में जहाँ पोर्टफोलियो प्रबंधक सीधे शेयर, ऋण-पत्रों एवं अन्य प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं, वहीं प्रस्तावित म्यूचुअल फंड आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (MF-PMS) के अंतर्गत निवेश केवल म्यूचुअल फंड योजनाओं की प्रत्यक्ष योजनाओं, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) तथा विशिष्ट निवेश निधियों (SIF) तक सीमित रहेगा।
प्रस्तावित सुधारों का महत्त्व
- निवेश के अवसरों का विस्तार: पोर्टफोलियो प्रबंधकों को घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों की व्यापक श्रेणी में निवेश का अवसर प्राप्त होगा।
- कारोबार सुगमता को बढ़ावा: अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को सरल बनाकर तथा परिचालन संबंधी बाधाओं को कम कर व्यवसाय सुगमता को प्रोत्साहन मिलेगा।
- वित्तीय नवाचार को प्रोत्साहन: म्यूचुअल फंड आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (MF-PMS) तथा स्वतंत्र निधि प्रबंधक मंच जैसी नई निवेश संरचनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
- वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप नियामक ढाँचा: प्रस्तावित सुधारों से पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (PMS) का नियामक ढाँचा अंतरराष्ट्रीय निवेश प्रबंधन के विकसित होते मानकों के अनुरूप अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनेगा।
स्रोत: IE
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